मीना कुशवाहा पर जानलेवा हमले से भड़का आक्रोश, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने दी आंदोलन की चेतावनी
शहडोल
शहडोल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम लालपुर निवासी श्रीमती मीना कुशवाहा पर हुए जानलेवा हमले के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। घटना को लेकर भीम आर्मी भारत एकता मिशन और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने कड़ा विरोध जताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से पुलिस अधीक्षक एवं कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और मामले में सख्त धाराएं जोड़ने की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि प्रभावशाली आरोपियों के दबाव के चलते पुलिस अब तक ठोस कार्रवाई करने से बच रही है।
जानकारी के अनुसार, 06 मई 2026 की सुबह करीब 8:30 बजे मीना कुशवाहा (43) पर धर्मेंद्र पांडेय, मनदीप पांडेय, कुलदीप पांडेय और पुष्पेंद्र पांडेय द्वारा कथित रूप से जानलेवा हमला किया गया। हमले में पीड़िता गंभीर रूप से घायल हो गईं। चिकित्सकीय परीक्षण में उनकी 5 पसलियां (5वीं से 9वीं तक) टूटने की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में बिरसा मुंडा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में भर्ती कराया गया, जहां उनका सात दिनों तक उपचार चला। फिलहाल पीड़िता घर लौट चुकी हैं, लेकिन परिवार दहशत और भय के माहौल में जी रहा है।
मामले को लेकर संगठनों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इतनी गंभीर चोटों के बावजूद पुलिस ने अब तक हत्या के प्रयास से संबंधित धारा 307 IPC (वर्तमान BNS की संबंधित धारा) नहीं जोड़ी है। इतना ही नहीं, एफआईआर क्रमांक 0078/2026 दर्ज होने के एक सप्ताह बाद भी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और पीड़ित पक्ष व गवाहों को लगातार धमका रहे हैं।
ज्ञापन के माध्यम से भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने प्रशासन के सामने चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें 48 घंटे के भीतर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, प्रकरण में हत्या के प्रयास की धारा जोड़ना, पीड़िता को शासन की पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करना तथा परिवार को पुलिस सुरक्षा उपलब्ध कराना शामिल है। साथ ही, निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए मामले की विवेचना किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराए जाने की मांग भी उठाई गई है।
इस दौरान आजाद समाज पार्टी के जिला संयोजक राजेश कुशवाहा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि “पीड़ित परिवार आज भी भय के साये में जी रहा है। यदि सात दिनों के भीतर आरोपियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी उग्र धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।”
ज्ञापन सौंपने के दौरान दोनों संगठनों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में कानून-व्यवस्था और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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