Header Ads Widget

Ticker

6/recent/ticker-posts

पंचायत भवन में महिला की मिली मृत शरीर हत्या य आत्महत्या जाँच जारी पुलिस की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में

परिजनों का आरोप रोजगार सहायक पीयूष सोनी और उसके साथी मुरारी सोनी ने की हत्या 
शहडोल 

 शहडोल में महिला मोबलाइजर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला का शव पंचायत भवन के भीतर पड़ा मिला। महिला को  पुलिस के द्वारा अस्पताल ले जाया  गया जिसे डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला की पहचान सुनैना कुशवाहा उम्र 29 साल के रूप में हुई है।  जो बलबहरा ग्राम पंचायत में मोबलाइजर के पद पर पदस्थ थीं। वही मृतक के परिजन और पति ने बलबहरा के रोजगार सहायक पीयूष सोनी और उसके साथी मुरारी सोनी के ऊपर हत्या करने का आरोप लगाया है। साथ ही परिजनों ने यह भी आरोप लगाया हैं कि मृतक सुनैना कुशवाहा को आये दिन प्रताड़ना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं । 

 मृतक सुनैना कुशवाहा के पति सुरेंद्र  कुशवाहा ने लगाया मुरारी सोनी और रोजगार सहायक पीयूष सोनी के ऊपर हत्या का आरोप

सुनैना कुशवाहा के पति सुरेंद्र कुशवाहा ने आरोप लगाते हुए बताया कि मेरी पत्नी को सोच समझकर उसको पंचायत भवन में मारकर उसको आत्महत्या का कहानी बनाने को पूरी जोर दिया गया था। क्योंकि मृतक कुशवाहा को आये दिन शारारिक संबंध और प्रताड़ित किया करते थे। और मेरे घर मे आ कर गंदी गंदी गालियां और जान से मारने की धमकी भी दिया करते थे। इनके ऊपर पूर्व में ऐसे करने से चौकी केशवाही में मामला भी दर्ज हैं जिसकी जाँच और कार्यवाही भी चल रहा हैं। 

 *सूत्रों के हवालों से पता चला हैं कि मृतक को हत्या के बाद पंचायत कार्यालय से बाहर निकलते समय  काले कलर की टी शर्ट और चड्डा पहने हुए व्यक्ति को पंचायत भवन से बाहर निकलते हुए देखा गया था ।
मृतक सुनैना कुशवाहा के बड़े भाई ने हत्या की आशंका जताते हुए बताया कि मेरे बहन को मुरारी सोनी और रोजगार सहायक पीयूष सोनी लगातार प्रताड़ित करते थे। जिसके चलते आये दिन मुरारी के द्वारा शराब के नशे में गंदी गंदी गलियों के साथ जान से मारने की बात भी करता था। जिसके चलते आज मेरी बहन को जान से मार कर फरार हो गया और थाने में जाकर बैठ गया। जबकि उस वक्त पंचायत में कोई भी मौजूद नहीं था। जब इस घटना को अंजाम दिया गया। और ये किसी भी तहर आत्महत्या नहीं हत्या हैं क्योंकि आत्महत्या करने वाला अपनी गले के फंदे को बिना बाधे ही मर जाये ये कैसे मुमकिन हैं, और साथ ही बिना किसी हलचल के मर जाना न ही ख़ुर्शी गिरी और न ही टेबिल में बिछा चादर । जबकि कोई भी अगर आत्महत्या करता तो अपना हाथ पैरों को में हरकत करता ही हैं। पर मौके पर वहाँ ऐसा कुछ नहीं जिससे साफ तौर पर देखा जा सकता हैं कि ये आत्महत्या नहीं हत्या हैं। 


 पुलिस ने नही किया एफआईआर दर्ज फिर मृतक के भाई के करवाया ऑनलाइन एफआईआर दर्ज

मृतक सुनैना कुशवाहा के भाई ने ऑनलाइन करवाया एफआईआर दर्ज । एफआईआर में दर्ज करवाते हुए बताया कि मेरी बहन सुनैना कुशवाहा उम्र 30 वर्ष ग्राम पंचायत बलबहरा में मोबलाईजर के पद पर कार्य करती हैं। यह है कि मुरारी सोनी पिता अशोक सोनी एवं पीयूष सोनी रोजगार सहायक द्वारा मेरी बहन को लंबे समय से मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।  मुरारी सोनी उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित करता था, और दबंगई के बल पर अनैतिक रूप से दबाव भी बनाता रहा । यह की पूर्व में दिनांक 20 अगस्त 2025 को थाना बुढार चौकी केशवाही  में शिकायत दर्ज करवाने के बावजूद आरोपियों का दुस्साहस और भी बढ़ गया की  पुलिस की निष्क्रियता के कारण मेरी बहन और पूरा परिवार अत्यंत भयभीत और मासिक दबाव  में रहता था।  यह कि कल दिनांक 11 मार्च 2026 को सुबह 11:00 बजे मेरी बहन काम पर जाने के लिए घर से निकली थी दोपहर लगभग 2:30 बजे  मेरे जीजा जी प्रतिदिन की तरह पंचायत कार्यालय पहुंचे तो पाए कि मेरी बहन के गले का दुपट्टा पंखा में लटका था , और वह जमीन पर मेरी बहन पड़ी थी यह देखकर वो जब पास गए  और देखा तो घबरा गए,  और मौके पर रवि और शुभम को बुलाएं,  जब पास गए तो सांसे बंद हो गई थी और वह बेहोश अवस्था में पड़ी थी उसके 10 मिनट के बाद वहां पुलिस भी पहुंच गई , और पुलिस के साथ वह लोग बुढार अस्पताल में बहन को ले गए जहाँ अस्पताल  पहुंचने के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया , यह की पुलिस द्वारा मेरी बहन का मोबाइल फोन जप्त किया गया परंतु अभी तक ना प्राथमिक एफआईआर  दर्ज की गई है और ना ही निष्पक्षता से पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूर्ण की गई है,  हमें संदेह है कि आरोपियों के प्रभाव में जाकर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है,  यह है कि दिनांक 11 मार्च 2026 को दोपहर 2:30 बजे पंचायत कार्यालय के अंदर मेरी बहन का शव गंभीर अवस्था में पाया गया,  घटनास्थल की परिस्थितियों और आरोपियों के पूर्व आचरण से ही स्पष्ट है कि यह सुनियोजित  हत्या करने का गंभीर मामला है यह की वर्तमान में पुलिस द्वारा  साक्ष्य जैसे मृत्यु का का मोबाइल को लेकर पारदर्शिता  नहीं बरती जा रही है और ना ही दोषियों की विरुद्ध प्राथमिक फिर दर्ज की गई है,  जिसके प्रार्थी के परिवार को न्याय  ना मिलने की उम्मीद धूमिल हो रही है,  अतः निवेदन है कि आरोपी मुरारी सोनी और पियूष सोनी के विरुद्ध शु संगत धाराओं के  तहत तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए,  मोबाइल फोन को साकक्ष के तौर पर सुरक्षित रखते हुए उनकी कॉल डिटेल CDR की जांच की जाए यह की प्रताड़ना के विरुद्ध पूर्व में दिनांक 20 अगस्त  2025 को चौकी के केशवाही  में फिर भी दर्ज करवाई गई थी जिसके बाद मुरारी सोनी और और भी उग्र हो गया था। उसी के चलते सुनैना कुशवाहा को जान से मार दिया । और केशवाही चौकी में शरण ले लिया।

 *सवालों के घेरे में मुरारी सोनी जब हत्या नहीं किया तो फिर चौकी केशवाही के शरण मे क्यों ??*
 जब चौकी में मामला लंबित था तो कार्यवाही क्यों नहीं हुआ????

 एसडीएम का आदेश पंचायत के सचिव सहायक सचिव सहित आंगनवाड़ी और पटवारी की ड्यूटी गणना के लिए हुई थी तो उक्त आदेश का पालन क्यों नहीं????

 पंचायत मोबालाइजर के सहारे क्यों जब पंचायत में चौकीदार था तो वो उस समय गया कहा ???

 *इनका कहना हैं -

 जब इस संबंध में बात किया तो उनका कहना हैं कि मोबालाइजर के द्वारा आत्महत्या किया गया हैं जाँच चल रहा हैं पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्यवाही होंगी।

 *थाना प्रभारी बुढ़ार विनय सिंह गहरवार*

Post a Comment

0 Comments