शहडोल
जिले में शराब मानो एक आम का जूस , इन दिनों महज एक किराना दुकान हो या चाय की टापरी वहाँ हर ब्रांड का शराब मिलता हैं चाहे इंग्लिश हो या बियर ,आपको को बता दे कि इस समय शराब माफिया छोटे छोटे जगहों में भी अपना डेरा जमा कर रखें हुए हैं। जहाँ एक लाइसेंसी दुकान से प्रतिदिन 20 गाड़ी शराब की पैकरी ले जाकर गाँव की गलियारों में अपना डेरा जमा कर रखें हुए हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शराब तस्करों ने अपना जाल बिछाकर चारों तरफ से पूरे कोयलांचल को पकड़ रखा हैं। जहाँ एक ओर शराब की एक लाइसेंस से करीब 20 गाँव को अपने खेड़े में रख कर शराब बेचने को मजबूर होते हैं।
*लाइसेंस एक लेकिन काम अनेक*
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुढ़ार, अमलाई, ओपीएम, रूंगटा तिराहा शराब की लाइसेंस दुकानों से शराब की सप्लाई एक बंद बोलेरों से होती हैं जिसकी सूचना थाना को मिलने के बाद भी शराब तस्करों को अनदेखा करना एक अपने आप मे बड़ा सवाल हैं, आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हैं कि शराब तस्करों से पुलिसिया सेटिंग्स कितनी मजबूत होंगी।
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