कटनी
विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने हेतु वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में स्नातक स्तर के छात्र-छात्राओं को जैविक खेती का प्रशिक्षण दिया गया। यह प्रशिक्षण प्राचार्य डॉ. इंद्र कुमार के मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. मंजू द्विवेदी के सहयोग से जैविक कृषि विशेषज्ञ रामसुख दुबे द्वारा दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण में विभिन्न जैविक खादों के अंतर्गत गोबर कंपोस्ट खाद, नाडेप टांका खाद के अंतर्गत पक्का नाडेप, टटिया नाडेप, कच्चा या भू नाडेप, केंचुआ खाद, हरी खाद, जैव उर्वरक, बायोगैस, स्लरीसींग खाद तथा शीघ्र खाद के अंतर्गत मटका खाद, जीवामृत घन, जीवामृत, बीजामृत तथा संजीवक एवं जैविक कीट नाशकों के अंतर्गत गोमूत्र, नीम पत्ती, निबोली, पांच पत्ती काढ़ा, नीमस्त्र, आग्नेयास्त्र, ब्रह्मास्त्र की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान जैविक खेती, टिकाऊ खेती तथा जैविक कृषि कार्यक्रम के उद्देश्य के अंतर्गत उत्तम गुणवत्ता युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक मात्रा में उत्पादन करना, प्राकृतिक संसाधनों का समुचित उपयोग, पौधों एवं जंतुओं का उपयोग कर जैव की चक्र को गति प्रदान करना, मृदा की दीर्घकालीन उर्वरता बनाए रखना, कृषि तकनीक से होने वाले सभी प्रदूषणों से बचाव, कृषकों को सुरक्षित वातावरण के साथ-साथ अधिकतम उत्पादन द्वारा संतुष्टि आदि के विषय में बतलाया गया।
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