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पत्रकारों के विरुद्ध झूठी शिकायतों पर महासंघ ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग

पत्रकारों के विरुद्ध झूठी शिकायतों पर महासंघ ने जताई चिंता, निष्पक्ष जांच की मांग
शहडोल 

भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध कथित रूप से झूठी एवं भ्रामक शिकायतें कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा धूमिल करने के प्रयासों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए पुलिस अधीक्षक शहडोल को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच एवं वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।
महासंघ के जिलाध्यक्ष शैलेन्द्र तिवारी द्वारा प्रस्तुत आवेदन में उल्लेख किया गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार साथी एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के विरुद्ध पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा फोन पर गाली-गलौज एवं जान से मारने की धमकी देने संबंधी शिकायत की गई है, जिसे महासंघ ने प्रथम दृष्टया तथ्यहीन एवं भ्रामक बताया है।
महासंघ के अनुसार ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत द्वारा निलेश सोनी को दूरभाष पर यह जानकारी दी गई थी कि पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा किसी अन्य संगठन के नाम पर राशि लिए जाने एवं अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने की बात सामने आई थी। इसी संबंध में तथ्य जानने के उद्देश्य से निलेश सोनी ने सूर्यभान यादव से दूरभाष पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हुई और बाद में कथित रूप से ऑडियो को संपादित कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। साथ ही निलेश सोनी के विरुद्ध थाना ब्यौहारी में शिकायत भी प्रस्तुत कर दी गई।
महासंघ ने यह भी आरोप लगाया है कि ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता के विरुद्ध भी बिना किसी ठोस आधार के शिकायत दर्ज कराई गई, जिससे उनकी पत्रकारिता एवं सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। मामले को लेकर भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्लॉक इकाई ब्यौहारी द्वारा 17 जून 2026 को थाना प्रभारी ब्यौहारी को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की गई थी, किंतु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से पत्रकारों में असंतोष व्याप्त है।
महासंघ का कहना है कि पत्रकारों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने तथा मानसिक प्रताड़ना देने की प्रवृत्ति लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है। संगठन ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति द्वारा लगातार पत्रकार साथियों को बदनाम करने एवं उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
फॉरेंसिक जांच की मांग
महासंघ ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि वायरल किए गए ऑडियो की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच कराई जाए ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। साथ ही यदि शिकायत मिथ्या एवं दुर्भावनापूर्ण पाई जाती है तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।
पत्रकारों की सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने की अपील
महासंघ ने मांग की है कि प्रभावित पत्रकारों की प्रतिष्ठा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन निष्पक्षता एवं कानून सम्मत कार्रवाई करते हुए पूरे मामले में न्याय सुनिश्चित करेगा।
महासंघ ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की गरिमा एवं स्वतंत्र पत्रकारिता की रक्षा के लिए संगठन सदैव प्रतिबद्ध है तथा किसी भी प्रकार की दुर्भावनापूर्ण गतिविधियों का लोकतांत्रिक एवं कानूनी तरीके से विरोध करता रहेगा।

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