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विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना के आरोप निराधार, पटवारी रमेश पटेल ने नहीं किया न्यायालय के निर्देशों का पालन : तहसीलदार

विभागीय अधिकारियों की प्रताड़ना के आरोप निराधार, पटवारी रमेश पटेल ने नहीं किया न्यायालय के निर्देशों का पालन : तहसीलदार
जयसिंहनगर/शहडोल

तहसीलदार एवं जनपद पंचायत जयसिंहनगर की अधिकारी सुषमा धुर्वे ने पटवारी रमेश पटेल द्वारा विभागीय अधिकारियों पर लगाए जा रहे प्रताड़ना के आरोपों को निराधार बताते हुए वस्तुस्थिति स्पष्ट की है।
तहसीलदार ने बताया कि प्रशासनिक कार्य की दृष्टि से 1 सितंबर 2025 को पटवारी रमेश पटेल को हल्का बनसुकली एवं मुदरियाटोला आबंटित किया गया था। उक्त आदेश के विरुद्ध उन्होंने उच्च न्यायालय में रिट याचिका क्रमांक 37316/2025 दायर की थी। न्यायालय ने 26 सितंबर 2025 को दिए अपने निर्णय में उन्हें नवीन आबंटित हल्के में उपस्थित होकर अभ्यावेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, किंतु उन्होंने न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं किया।
इसके बाद अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जयसिंहनगर द्वारा 12 सितंबर 2025 को रमेश पटेल को निलंबित किया गया था। निलंबन के विरुद्ध दायर रिट याचिका क्रमांक 37244/2025 को भी उच्च न्यायालय ने 19 जनवरी 2026 को निरस्त कर दिया।
बाद में रमेश पटेल के अभ्यावेदन पर विचार करते हुए 2 मार्च 2026 को उन्हें निलंबन से बहाल कर पटवारी हल्का जगड़ा में पदस्थ किया गया। उन्होंने 12 मार्च 2026 को उपस्थिति तो दी, लेकिन आज दिनांक तक प्रभार ग्रहण नहीं किया और न ही उसके बाद कार्यालय में उपस्थित हुए।
तहसीलदार सुषमा धुर्वे ने बताया कि रमेश पटेल द्वारा बार-बार केवल पटवारी हल्का बराछ में पदस्थापना की मांग की जा रही है। साथ ही उनके द्वारा इस्तीफा देने संबंधी समाचार भी पूरी तरह तथ्यहीन एवं निराधार हैं। इस संबंध में कार्यालय को कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विभागीय प्रताड़ना संबंधी लगाए जा रहे आरोप वास्तविक तथ्यों पर आधारित नहीं हैं तथा न्यायालय एवं विभागीय आदेशों का पालन न करना ही वर्तमान स्थिति का प्रमुख कारण है।

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