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मढियो में लगी श्रद्धालुओं की कतार

कहीं धरती से निकली देवी कहीं की गई प्राण प्रतिष्ठा
 बुढार  दिनेश चौधरी की ख़ास रिपोर्ट 

बुढार नगर की सबसे सुप्रसिद्ध बुढ़ी मढिया पुरानी बस्ती  वार्ड क्रमांक 7 के लोकप्रिय पार्षद मोहन बैगा में स्थित है यहां विराजमान प्रतिमऐ पांडव कालीन के समय की पांडव कालीन के समय की गढी हुई है जिनका उद्गम तालाब से हुआ जिनका उदगम तालाब से हुआ जिसकी यही पदस्थापना कराई गई । पांडवों ने बूढ़ी माता के अलावा शारदा मां दुर्गा मां और देवी देवता गढे हैं जबकि बाहर सुंदर मनभावन सूर्य भगवान की तरह एवं बहुत सी मूर्तियां हैं।जो बूढ़ी मढिया के नाम से सुप्रसिद्ध है। यहां के जीवित समय में यहां के पंडा दाऊ लाल   केवट  वर्तमान में  उनकी पत्नी ने बताया कि छोटी माता जी व्यक्ति को निकलती है मां को जल ढारने से मिट जाती है अपने दुख तकलीफ को हारने हेतु नारियल लाल कपड़े में बांधकर रखने से मनोकामना 
पूरी होती है 
 
आज मढिया मंदिरों में चढ़ाया जाएगा पंचमी 
पंचमी से सजने लगती है माता का श्रंगार 
शक्ति के भक्ति में डूबा बुढार नगर 
चैत्र नवरात्रि पर्व पर नगर में जगह-जगह मढियो मंदिर में विराजमान सृजन शक्ति की देवी मां को सुबह ही भोर से जल ढारने श्रद्धालुओं की कतार लगी हुई है। जैसे-जैसे नवरात्रि गतिमान हो रहा है भक्तों का शनै शनै जनसमूह माता भवानी के दरबार में भीड़ करने लगी है। माता बहनें और बंधु स्नान कराकर और मां को जल अभिषेक करने चल देते हैं बच्चे भी माता के दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु मां भवानी को सिंदूर बेलपत्र बंधन अक्षत अगरबत्ती श्रीफल से पूजा अर्चना कर अपने कासन को दूर सुख समृद्धि की प्रार्थना करते हैं 
जगत जननी की की उपासना में डूबा कोलांचल 
जगत जननी की गौरवगान करते हैं समूचे नगर की मढियो में वीराजी माता के पूजा भक्ति में भक्ति तहलीन है। माता बहने 19 मार्च से शुरू हिंदू नव वर्ष की शुभ चैत्र नवरात्रि  प्रारंभ हुई 9दिनो तक व्रत रखकर मां की स्तुति करने मढिया  मैं रेरा लगी हुई है। नगर में स्थापित बूढ़ी मढिया पुरानी बस्ती भुतही मोहल्ला मां विरासिन मंदिर मां ज्वालामुखी मंदिर नगर परिषद बुढार के पास है लखेरन टोला काली मंदिर बुढार नगर की सुप्रसिद्ध शारदा मंदिर बुढार रेलवे मार्केट में विराजमान विशाल काली मां शिव शंकर साथ विराजमान है वही हरे माधव कॉलोनी दुर्गा माता का स्थापना भी हुई है वहीं दुर्गा माता का भी मंदिर में देवी माता के अनुदधियो का मेला लगा हुआ है इन स्थानों में विभिन्न स्वरूपो में मा की प्रतिमा कही धरती से सूर्योदय हुआ तो कहीं धार्मिक अलोकी के प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा की 
सेमल एवं बृहद पीपल का वट वृक्ष है जो श्रद्धालुओं को शीतल छाया दे रहा है यही शंकर भगवान बजरंगबली राधा कृष्ण की प्रतिमा स्थापित है संसार की पालनहार मां को जल अभिषेक चुनरी चढ़ाने भक्तों का सुबह शाम का तांता लगा रहता है विजय दशमी के दिन श्रीराम जानकी अपने जीवन काल में मां के दर्शन करने प्रति वर्ष आए थे। अष्टमी के दिन बृहद भंडारे का आयोजन के पूर्व पंचमी के दिन मां का श्रंगार के बाद मां  मां स्वरूप और विकराल रूप धारण कर लेती पांडव कालीन द्वारा गठित देवी देवताओं पूजन करने भक्तों की अपार भीड़ लगी हुई है
मां विरासिन मंदिर बुढार विश्रामगृह मस्जिद मार्ग में स्थापित मां बिरासनी का उदभव 
वसुंधरा में सूर्योदय डेढ़ वर्ष सौ पूर्व हुआ था जहां मां बिरासिनी की प्रतिमा विराजमान है वहां बरगद का वट वृक्ष था उसी जगह से उनका उदगम हुआ था मां की धार्मिक जलसा बढ़ाने के कलश जावरा बोऐ गए जहां माता के दरबार में आने वाले श्रद्धालुओं की मुराद पूरी होती है जल ढारने माता बहनें एवं बन्धुओ का जन समुदाय उमर रहा बड़े ही श्रद्धा भक्ति के साथ मां विरसिनी की आराधना कर शीतला माता की प्राण प्रतिष्ठा की गई 
बुढार रेलवे मार्केट मार्ग पर विराजमान है विशाल काली मां की प्रतिमा 

बुढार नगर के कई पुराने बुजुर्गों ने बताया काली माता का मंदिर 50 वर्ष पूर्व भगवान दिन दफ्तरी ने कराया था और मंदिर मां काली मां की अदभूत प्राण प्रतिष्ठा कराई थी जहां अखंड ज्योति यहां विगत डेढ़ वर्षो से अखंड ज्योति जलती चली आ रही है जो प्राणियों के कल्याण करने की आशीष देती है समूचा रेलवे मार्केट के अलावा कोईलांचल क्षेत्र के के लोग काली मां के दरबार में शीश झुकाने आते हैं प्रतिदिन सैकड़ो श्री फालतू चढ़ाने नवरात्रि में बहनों की भीड़ लगी रहती है 

ज्वालामुखी मंदिर सिंधी बाजार के पास बुढ़ार में विराजमान है मा ज्वालामुखी की प्रतिमा 150 वर्ष पुरानी है जिसका सूर्योदय बगल के स्थित कुएं से उत्खनन करते समय मिली थी यहां पूजा अर्चना करने के लिए देवी भक्तों की कतार लगी रहती है 9 दिनों तक माता रानी की जयकारों से गुंजायमान रहता है पूरा नगर सुबह शाम माता की आरती से पूरे नगर की दुख संकट कष्टों का निवारण करती है सुख समृद्धि यश की कामना करती हैं ।

इनका कहना है

चैत्र नवरात्रि पर्व प्रारंभ होते ही 
सुबह शाम पुलिस की दल बल सहित पेट्रोलियम चालू रहती है और और मंदिरों में कार्यक्रम होता है तो हमारे स्टॉपो
की ड्यूटी भी लगाई जाती है और माताएं बहनों और श्रद्धालुओं की पूजा पाठ में कोई कमी नहीं आती इनको सुरक्षा देनी हमारी पहली प्राथमिकता है 
बुढार थाना प्रभारी विनय सिंह गहरवार

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