जिला टीकमगढ़ में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत, प्रभावी एवं जनविश्वास आधारित बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा व्यापक सतर्कता एवं निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई के कुशल मार्गदर्शन में जिले की सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी, रणनीतिक और मैदानी स्तर पर और अधिक सुदृढ़ किया गया है, ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित, संगठित और प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
मकर संक्रांति के त्योहार को दृष्टिगत रखते हुए शहर के प्रमुख बाजारों, धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक चौक-चौराहों एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पैदल गश्त, मोबाइल पेट्रोलिंग एवं रात्रिकालीन चौकसी को विशेष रूप से बढ़ाया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की सघन जांच लगातार जारी है।
पुलिस कंट्रोल रूम में स्थापित इंटीग्रेटेड लाइव मॉनिटरिंग डेस्क के माध्यम से CCTV कैमरों एवं पेट्रोलिंग वाहनों से प्राप्त रियल-टाइम फीड की सतत निगरानी और विश्लेषण किया जा रहा है।
मैदानी स्तर पर सभी थाना क्षेत्रों में संध्या समय फुट पेट्रोलिंग अनिवार्य किया गया है। स्कूल, कोचिंग संस्थानों और बाजार क्षेत्रों में पुलिस की अतिरिक्त उपस्थिति सुनिश्चित की गई है। हाईवे क्षेत्रों में मोबाइल वाहनों के माध्यम से वाहन चेकिंग एवं संदिग्ध गतिविधियों की पहचान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और प्रमुख आवागमन मार्गों पर नियमित पुलिस तैनाती के साथ रात्रि में फ्लैश पेट्रोलिंग एवं आकस्मिक चेकिंग की प्रभावी व्यवस्था की गई है।
सामुदायिक पुलिसिंग और जागरूकता
सामुदायिक पुलिसिंग को इस अभियान का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। मोहल्लों और ग्राम पंचायतों में आयोजित “थाना संवाद” बैठकों के माध्यम से आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुना जा रहा है।
शैक्षणिक संस्थानों में ट्रेफिक नियमों की जागरूकता एम और साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। व्यापारी संगठनों, धार्मिक संस्थाओं और परिवहन यूनियनों के साथ समन्वय बैठकों के जरिए पुलिस–जन सहभागिता को और सशक्त किया जा रहा है। ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थित चौकियों पर अतिरिक्त बल की तैनाती कर निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया गया है।
साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों, भ्रामक सूचनाओं और संवेदनशील सामग्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। युवाओं को जागरूक करने हेतु “सुरक्षित इंटरनेट उपयोग” अभियान भी समानांतर रूप से संचालित है। साथ ही होटल, लॉज एवं किरायेदारों के सत्यापन की प्रक्रिया को तेज करते हुए ठहरने वाले व्यक्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड संधारित किया जा रहा है। शहर के बाहरी क्षेत्रों में निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों का सत्यापन भी निरंतर किया जा रहा है।
एसपी का संदेश
पुलिस अधीक्षक श्री मनोहर सिंह मंडलोई ने कहा—
> “सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज का साझा दायित्व है। नागरिकों की सतर्कता, सहयोग और सूचना साझाकरण से ही सुरक्षित वातावरण का निर्माण संभव है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें—आपकी जागरूकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।”
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