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लोक निर्माण विभाग में भ्रष्टाचार की परतें उजागर, ठेकेदार कर रहा है घटिया सामग्री से सड़क का निर्माण


मानकों की अनदेखी का आरोप, निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी*
शहडोल रोहित वर्मा -  9131534570 ) 

शहडोल  जिले में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अंतर्गत बटुरा से बिछिया अप्रोच रोड में ठेकेदार जय माता दी कंस्ट्रक्शन बुढार द्वारा निर्मित की जा रही सड़क की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। क्षेत्र में बन रही इस सड़क को लेकर स्थानीय लोगों ने घटिया निर्माण का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है, जिससे भविष्य में सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर असर पड़ सकता है।
जानकारी के अनुसार यह सड़क ग्रामीण क्षेत्र को मुख्य मार्ग से जोड़ने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही इसकी गुणवत्ता को लेकर शिकायतें सामने आने लगी थीं। अब स्थिति यह है कि निर्माण के दौरान ही सड़क की ऊपरी सतह जगह-जगह से उखड़ती दिखाई दे रही है और कुछ हिस्सों में दरारें भी नजर आने लगी हैं।

निर्माण सामग्री पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सड़क निर्माण में घटिया गिट्टी और कम गुणवत्ता वाले सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा सड़क की मोटाई भी निर्धारित मानकों से कम बताई जा रही है। सड़क की बेस लेयर को मजबूत बनाने की प्रक्रिया को भी सही तरीके से नहीं अपनाया गया, जिससे सड़क की उम्र कम होने की आशंका जताई जा रही है।
नियमों की अनदेखी का आरोप

ग्रामीणों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा तय किए गए तकनीकी मानकों और गुणवत्ता नियंत्रण प्रक्रिया का सही ढंग से पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर न तो नियमित जांच दिखाई दे रही है और न ही विभागीय अधिकारियों की सक्रिय निगरानी। इससे ठेकेदार की मनमानी को बढ़ावा मिल रहा है।

स्थानीय लोगों में आक्रोश

सड़क निर्माण में हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन यदि शुरुआत से ही घटिया निर्माण किया गया तो कुछ ही समय में सड़क खराब हो जाएगी। इससे न केवल जनता के पैसे की बर्बादी होगी, बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाएगी।

विभागीय भूमिका पर उठे सवाल

मामले में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। नियमों के अनुसार निर्माण के दौरान समय-समय पर गुणवत्ता की जांच और माप की जानी चाहिए, लेकिन ऐसा होते हुए दिखाई नहीं दे रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि निरीक्षण केवल कागजों तक सीमित है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि निर्माण में गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और सड़क का निर्माण दोबारा मानकों के अनुसार कराया जाए। साथ ही विभागीय अधिकारियों की भी जवाबदेही तय की जाए।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत बन रही सड़क को लेकर उठे घटिया निर्माण के आरोप प्रशासन और ठेकेदार दोनों के लिए गंभीर चेतावनी हैं। यदि समय रहते गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह सड़क जनता के लिए सुविधा के बजाय परेशानी का कारण बन सकती है।

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