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स्वास्थ्य केवल इलाज का विषय नहीं है, बल्कि हर नागरिक के सम्मानपूर्ण जीवन का आधार - मंत्री श्रीमती उइके


स्वस्थ मंडला, सशक्त मंडला के लक्ष्य को साकार करने आरोग्यम मंडला का हुआ शुभारंभ
15 जनवरी से मार्च 2026 तक चलेगा अभियान

 आमजन को सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत आरोग्यम मंडला जन स्वास्थ्य शिविर 2.0 का शुभारंभ योजना भवन, मण्डला में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, नैनपुर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पंजवानी, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, अपर कलेक्टर श्री राजेन्द्र कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. डीजे मोहंती सहित अन्य अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग का अमला मौजूद था। 
 मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि आरोग्यम मंडला जन स्वास्थ्य शिविर 2.0 का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर ही आम नागरिकों को प्राथमिक एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रदान करना है। आरोग्यम मंडला जन स्वास्थ्य शिविर 2.0 के माध्यम से हम न केवल बीमारियों की पहचान करेंगे, बल्कि लोगों के जीवन में भरोसा, सुरक्षा और स्वास्थ्य का नया संबल भी देंगे। हम स्वास्थ्य सेवाओं को लोगों के और निकट ले जाने की दिशा में एक और सशक्त कदम उठा रहे हैं। पूर्व में आयोजित जन स्वास्थ्य शिविर में 1 लाख 98 हजार 133 लोगों की स्क्रीनिंग के उपरांत जिन मरीजों का डायग्नोसिस किया गया था, उनके उपचार एवं फॉलोअप को भी सुनिश्चित करना है। उन्होंने वर्ष 2024 में इन शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जन स्वास्थ्य शिविर 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अन्य विभागों से समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक नागरिकों को लाभान्वित किया जाए। 
 मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि स्वास्थ्य केवल इलाज का विषय नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के सम्मानपूर्ण जीवन का आधार है। सरकार का यह स्पष्ट संकल्प है कि कोई भी नागरिक केवल संसाधनों की कमी या दूरी के कारण इलाज से वंचित न रहे। इसी सोच के साथ यह जन स्वास्थ्य शिविर ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि आमजन को अपने ही गाँव में सुलभ, सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से विशेष रूप से आग्रह किया और कहा कि वे इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप दें। शिविरों की जानकारी हर घर तक पहुँचे, पात्र नागरिक आयुष्मान कार्ड से जुड़ें और कोई भी गंभीर रोगी इलाज से वंचित न रहे यह हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
 
490 शिविरों का होगा आयोजन

 कलेक्टर श्री मिश्रा ने आरोग्यम मंडला जन स्वास्थ्य शिविर 2.0 की जानकारी देते हुए बताया कि शिविर का आयोजन प्रत्येक बुधवार एवं गुरुवार को किया जाएगा। जिले के 6 विकासखंडों में प्रतिदिन 3-3 शिविर इस तरह 216 शिविर, 3 विकासखंडों में प्रतिदिन 5-5 शिविर इस तरह 180 शिविर, इस प्रकार जिले में कुल 490 जन आरोग्य शिविर आयोजित किए जाएंगे। कलेक्टर श्री मिश्रा ने सितंबर 2024 में शुरू किए गए आरोग्यम मंडला जन स्वास्थ्य शिविर की उपलब्धियाँ साझा करते हुए बताया कि इस वर्ष शिविरों में 6 नई सेवाएँ जोड़ी गई हैं। इसके अंतर्गत हाई-रिस्क गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत प्रबंधन, सिकल सेल मरीजों का उपचार, एसएनसीयू से डिस्चार्ज बच्चों का फॉलोअप, डायबिटीज एवं हाइपरटेंशन मरीजों का उपचार, पिछले वर्ष डायग्नोसिस/सर्जरी वाले मरीजों का फॉलोअप, क्षयरोगियों की जांच एवं उपचार, शिविरों के साथ-साथ “प्रशासन आपके द्वार” कार्यक्रम भी संचालित किया जाएगा।

जन आरोग्य शिविर में उपलब्ध प्रमुख सेवाएँ

 सिकल सेल एनीमिया जांच, गर्भवती महिलाओं की जांच, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण, टीकाकरण, कुपोषित एवं जन्मजात विकृति वाले बच्चों की जांच, किशोर-किशोरियों का स्वास्थ्य परीक्षण, उच्च रक्तचाप एवं शुगर जांच, ओरल कैंसर, अंधत्व एवं मेंटल हेल्थ परीक्षण, वृद्धजनों का स्वास्थ्य परीक्षण, टीबी, कुष्ठ एवं मलेरिया जांच, आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएंगे।

14 प्रकार की जांच सुविधाएँ

 शिविरों में सिकल सेल, हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्ब्यूमिन एवं शुगर, ब्लड शुगर, मलेरिया, टायफाइड, खसरा, एचआईवी-एड्स, सिफलिस, डेंगू, फाइलेरिया, हेपेटाइटिस-बी एवं सी सहित 14 प्रकार की जांचें की जाएंगी।

ग्राम पंचायत स्तर पर मिलेगी 12 प्रकार की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ

 आरोग्यम मण्डला 2.0 के अंतर्गत पंचायत स्तर पर आयोजित शिविरों में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर द्वारा आमजन को 12 प्रकार की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। ये शिविर हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर अथवा पंचायत भवन में वृहद स्तर पर आयोजित किए जाएंगे, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को अपने ही क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।
 यह अभियान महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के सहयोग से 15 जनवरी 2026 से मार्च 2026 तक संचालित होगा। शिविरों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर मॉनिटरिंग टीम का भी गठन किया गया है। शुभारंभ अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, जनपद व जिला पंचायत अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी सहित बड़ी संख्या में विभागीय अधिकारी मौजूद थे।

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