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ड्रैगन फ्रूट की खेती आर्थिक सशक्तिकरण के साबित होगा वरदान- सीईओ जिला पंचायत


ड्रैगन फ्रूट की खेती पर आधारित हर्राटोला, गोहपारू में आयोजित की गई कार्यशाला 
शहडोल दिनेश चौधरी

ग्रामीण आजीविका को सशक्त और टिकाऊ बनाने की दिशा में शहडोल जिले में एक अभिनव पहल के तहत ड्रैगन फ्रूट (पिताया) की खेती पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन सुयश फार्म, हर्राटोला, गोहपारू में किया गया।  कार्यक्रम को सम्बोंधित करते मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति ने कहा कि “ड्रैगन फ्रूट जैसी उच्च मूल्य वाली फसलें ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने एक बागिया मॉ के नाम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह योजना ग्रामीण परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्थायी आजीविका, पोषण, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि “ड्रैगन फ्रूट जैसी नवाचारी फसल को एक बगिया मां के नाम कार्यक्रम से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। एक बगिया मां के नाम योजना के माध्यम से लाभार्थियों को एक एकड़ बगीचा स्थापित कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।”
    कार्यशाला में एक बागिया मॉ के नाम योजना के अंतर्गत चयनित 40 से अधिक लाभार्थियों को ड्रैगन फ्रूट की खेती से संबंधित भूमि चयन, पौध रोपण, सहारा प्रणाली, जैविक पोषण, सिंचाई प्रबंधन, रोग नियंत्रण, लागत-लाभ विश्लेषण और बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।
   इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन  अधिकारी जनपद पंचायत श्री सुधीर दिनकर, सरपंच श्री सज्जन सिंह, डॉ. सुनीला कुमारी, देविक भूमि फाउंडेशन के डायरेक्टर  यशपाल, दीपक जायसवाल सहित एक बागिया मॉ के नाम योजना के लाभान्वित हितग्राही उपस्थित रहें।

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