कंबोडिया के फुटबॉल कोच ने जुनून, अनुशासन और प्रतिभा की सराहना की
शहडोल शिवम कुशवाहा
शहडोल जिले के “मिनी ब्राज़ील” के नाम से पहचान बना चुका ग्राम विचारपुर में कंबोडिया फुटबॉल टीम के कोच चार्ली पॉमरोय के आगमन पर पारंपरिक एवं आत्मीय स्वागत किया गया। उन्होंने ग्राम विचारपुर के फुटबॉल खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनके जुनून, अनुशासन एवं प्रतिभा की सराहना की। कोच पॉमरोय ने खिलाड़ियों के स्किल डेवलपमेंट एवं टेक्निक डेवलपमेंट को और सशक्त बनाने हेतु संरचित प्रशिक्षण प्रणाली, पाठ्यक्रम एवं सिलेबस के माध्यम से नियमित प्रशिक्षण दिए जाने का सुझाव दिया।
चार्ली पॉमरोय ने कहा कि अधिकांश अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों में खेलते हुए ही विश्व स्तर तक पहुँचे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को उपलब्ध संसाधनों पर फोकस कर निरंतर मेहनत करने की सलाह दी। साथ ही जर्मनी में प्रशिक्षण प्राप्त खिलाड़ियों से भी चर्चा की और जर्मनी व बिचारपुर के खिलाड़ियों के बीच अंतर पर अपने अनुभव साझा किए।
सहायक संचालक खेल एवं एन आई एस फुटबॉल कोच रईस अहमद ने विचारपुर गांव के फुटबॉल कोच, विचारपुर गांव फुटबॉल के सफर जो, गांव नशे के नाम से जाना जाता था और मिनी ब्राज़ील के रूप में उसकी पहचान बनने की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कंबोडिया कोच को अवगत कराया कि मिनी ब्राजील के पांच खिलाड़ियों एवं एक कोच को जर्मनी में 5 अक्टूबर से 12 अक्टूबर 2025 तक विश्व स्तरीय प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस अवसर पर उत्तराखंड के सहायक फुटबॉल क्लब के श्री श्रेष्ठ पांडे, सीएसआर हेड, रिलायंस सीबीएम प्रोजेक्ट श्री राजीव श्रीवास्तव, डॉ. शमीम, सफदर हुसैन (वेल वेदर इंटरनेशनल स्कूल), शानउल्ला खान, योगराज वर्मा, श्री रामाराव, रामकुमार बैगा, कैलाश वर्मा, राष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी एवं कोच अनिल सिंह, लक्ष्मी सहिस, नरेश कुंडे शंकर दहिया, सीताराम सहिस, पीटीआई रहीम खान, सीनियर खिलाड़ी एवं बड़ी संख्या में युवा फुटबॉल खिलाड़ी उपस्थित रहे।
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