Header Ads Widget

Ticker

6/recent/ticker-posts

बांधवगढ़ में प्रकृति से साक्षात्कार

अनुभूति कार्यक्रम’ में बच्चों को मिला ज्ञान और संवेदना का संदेश
उमरिया 

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की गोद में बसे पतौर वन परिक्षेत्र के बमेरा तिराहा कैंप छात्रों के लिए आयोजित अनुभूति कार्यक्रम प्रकृति, पर्यावरण और वन्य जीवन से जुड़ाव का एक जीवंत अनुभव बन गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदिम जाति कल्याण विभाग के मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह रहे।

मंत्री श्री शाह ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि “पेड़ केवल लकड़ी नहीं, जीवन देते हैं।” उन्होंने बरगद जैसे विशाल वृक्षों की उपयोगिता, पक्षियों के लिए उनके आवास, तितलियों व मधुमक्खियों की पारिस्थितिकी तंत्र में अहम भूमिका तथा पक्षियों द्वारा वनों के विस्तार में दिए जाने वाले योगदान को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बच्चों को प्रकृति-संरक्षण का संदेश देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने अनुभूति कार्यक्रम को ज्ञान, अनुभव और संवेदना का संगम बताते हुए वन, वन्य प्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला। आदिम जाति कल्याण विभाग की परियोजना अधिकारी ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए बच्चों को अच्छे विचार, अच्छे कार्य और जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

सीखते हुए खेल, देखते हुए समझ

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने बी-ईटर, मोर, वायर-टेल्ड स्वैलो, ग्रीन पिजन, कौआ और तोते जैसे पक्षियों का प्रत्यक्ष दर्शन किया। साल, तेंदू, पलाश, महुआ, अमलतास, साज, सलाई, धवा, नीलगिरी सहित विभिन्न वन वृक्षों की पहचान और उपयोग की जानकारी दी गई।
बच्चों को दीमक के घर की संरचना, तितली-मधुमक्खियों के महत्व, सांपों की पहचान एवं सर्पदंश प्रबंधन, साथ ही वन्य प्राणियों के व्यवहार और उनसे सुरक्षित रहने के उपाय बताए गए।

चीतल, सांभर और हनुमान लंगूर के प्रत्यक्ष दर्शन के साथ बाघ व हाथी के पगचिह्न और विष्ठा ने बच्चों की जिज्ञासा को और बढ़ाया। अनुभूति थीम सॉन्ग — “हम हैं धरती के दूत” पर बच्चों ने उत्साहपूर्ण नृत्य प्रस्तुत किया। क्विज, खेल गतिविधियां, फीडबैक फॉर्म और संरक्षण की शपथ के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में 120 बालक-बालिकाएं और 8 शिक्षक शामिल हुए। इस अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उपसंचालक, सहायक संचालक पनपथा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पतौर सुश्री अंजू वर्मा, पनपथा कोर एवं बफर के अधिकारी-कर्मचारी तथा वन स्टाफ उपस्थित रहे।

प्रेरक श्री चंद्रमोहन खरे, श्री कमलेश नंदा एवं श्री नितिन बर्मन ने अनुभूति ट्रेल के माध्यम से बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए रोचक और शिक्षाप्रद जानकारी प्रदान की।

Post a Comment

0 Comments