होली का पर्व भारत में धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर रंग, उमंग और खुशियाँ भरपूर होती हैं, लेकिन इसके साथ ही पर्यावरण पर होने वाले नकारात्मक प्रभावों को लेकर लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। इस दिशा में युवा वर्ग ने एक महत्वपूर्ण पहल की है और पर्यावरण बचाने के लिए कंडो की होली जलाने का संकल्प लिया है। युवाओं ने एकत्र होकर कंडो की होली जलाने लिया जिससे पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और पारंपरिक तरीके से होली मनाई जा सके। युवा श्री गौरव मिश्रा ने बताया कि प्रभाकर मिश्रा, किशन कुमार नापित, शिवनाथ द्विवेदी, प्रकाश सेन, रूपेश मिश्रा, अमर सोनी, अजय सोधिया सहित अन्य युवाओं द्वारा होली के पर्व के अवसर पर विगत सात वर्षाें से कंडो की होली जला रहे है और कंडो की होली जलाने के लिए दूसरे लोगो को जागरूक एवं शपथ भी दिला रहे है। गौरव मिश्रा का कहना है कि कंडो की होली जलाने का यह कदम न केवल पारंपरिक होली मनाने का तरीका है, बल्कि यह पर्यावरण की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। युवाओं और नागरिकों से यह अपील की जाती है कि वे इस पहल को अपनाएं और रंगों के त्योहार में पर्यावरण को प्राथमिकता दें। इस प्रयास से हम न केवल अपने पर्यावरण को बचा पाएंगे, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण भी सुनिश्चित कर सकेंगे।
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