जिले के 165 वनपट्टाधारी किसान टमाटर की उन्नत खेती से होंगे मालामाल
कटनी
भोजन में टमाटर के उपयोग से खाने का जायका बढ़ जाता है। इसी टमाटर की खेती से जिले के 165 वन पट्टाधारी अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों की जिंदगी में मिठास घुलने वाली है। पारंपरिक कम आय वाली खाद्य फसलों के स्थान पर अब ये किसान जल्दी ही उच्च मूल्य वाली फसलों की खेती शुरू करने जा रहें हैं। इसके लिये किसानों को स्प्रिंकलर, नोजल पाइप आदि निःशुल्क मुहैया कराया गया है।
कलेक्टर श्री आशीष तिवारी कहते हैं कि वनपट्टाधारी किसानों को राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत कम अवधि में अधिक उत्पादन देने वाली उच्च मूल्य वाली टमाटर की खेती करने हेतु प्रोत्साहित किया है। टमाटर की स्थानीय एवं शहरी बाजारों में सतत मांग भी रहती है। इनकी खेती से किसानों की दैनिक आय के साथ-साथ अनुसूचित जनजाति किसानों के परिवारों के पोषण स्तर में भी वृद्धि होगी। कलेक्टर ने बताया कि इन सभी किसानों को समय-समय पर उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी परामर्श व मार्गदर्शन भी दिलाया जायेगा।
*90फीसदी है अनुदान*
जिले के 165 वनपट्टाधारी अनुसूचित जाति के किसानों में से जिले के ढ़ीमरखेड़ा विकासखंड के 122 किसान 70.45 हेक्टेयर क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत तकनीक से टमाटर की खेती करेंगे। इसके लिये इन किसानों को 38 लाख 4 हजार 300 रूपये की अनुदान राशि मुहैया कराई गई है। इसी प्रकार विकासखंड बड़वारा के 33 अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसान 18.85 हेक्टेयर भू-क्षेत्र में टमाटर की खेती करेंगे। इसके लिये इन्हें 10 लाख 17 हजार 900 रूपये का अनुदान योजनांतर्गत प्रदान किया गया है। विकासखंड रीठी के 14 किसान 8.50 हेक्टेयर भू-क्षेत्र में टमाटर कीखेती करेंगे और इन्हें 4 लाख 59 हजार रूपये का अनुदान मुहैया कराया गया है। इसी प्रकार विकासखंड विजयराघवगढ़ के 4 किसानों को 75 हजार 600 रूपये का अनुदान मुहैया कराया गया है। यहां के सभी किसान 1.40 हेक्टेयर रकबे में टमाटर की खेती करेंगे। जबकि विकासखंड कटनी के वनपट्टाधिकारी अनुसूचित जनजाति वर्ग के 2 किसान 0.80 हेक्टेयर में टमाटर की उन्नत खेती करेंगे और इनहें 43 हजार 200 रूपये की अनुदान राशि प्रदान की गई है।
*दिया गया है स्प्रिंकलर सेट*
उद्यानिकी विभाग के परियोजना अधिकारी संत कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राष्ट्रीय कृषि विकास योजनांतर्गत सभी 165 किसानों को स्प्रिंकलर सेट प्रदान किया गया है। इसके लिये 0.40 हेक्टेयर से 0.99 हेक्टेयर रकबे वाले किसानों को 18 पाईप 3 नोजल एवं अन्य सहायक सामग्री और 1 हेक्टेयर से 1.99 हेक्टेयर तक के रकबे वाले किसानों को 30 पाईप 5 नोजल सहित अन्य सामग्री तथा 2 हेक्टेयर से अधिक रकबा वाले किसानों को 41 पाईप 9 नोजल एवं अन्य सहायक सामग्रिया प्रदान की गई हैं।
इसके अलावा हर किसान की जियो टैगिंग की जायेगी। साथ ही एमपीएफएसटीएस पोर्टल में इंट्री की जायेगी।
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