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योग: स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला - मंत्री श्रीमती उइके


राष्ट्रीय युवा दिवस पर सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में शामिल हुई
मंडला

 योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की संपूर्ण पद्धति है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करता है तथा व्यक्ति को आंतरिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आत्मबल प्रदान करता है। नियमित योग अभ्यास से न केवल शारीरिक रोगों से बचाव होता है, बल्कि मानसिक तनाव, अवसाद और चिंता जैसी समस्याओं में भी उल्लेखनीय कमी आती है। योग के नियमित अभ्यास से विद्यार्थियों में स्मरण शक्ति, एकाग्रता और आत्मविश्वास का विकास होता है। यह बात लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर सोमवार को आयोजित शासकीय जगन्नाथ उत्कृष्ट विद्यालय में कही। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े सहित अन्य अधिकारी, विद्यालयीन शिक्षक, शिक्षिकाएं और विद्यार्थी मौजूद थे। 
 विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के तेज रफ्तार और प्रतिस्पर्धात्मक युग में योग युवाओं के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह उन्हें अनुशासन, धैर्य और आत्मनियंत्रण सिखाता है। योग के माध्यम से युवा न केवल शारीरिक रूप से स्वस्थ रहते हैं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच को भी आत्मसात करते हैं, जिससे उनका व्यक्तित्व सर्वांगीण रूप से विकसित होता है। योग स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।
 मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हुए नवाचार, आत्मनिर्भरता और व्यापक परिवर्तन का उल्लेख करते हुए कहा कि योग को वैश्विक जीवनशैली के रूप में स्थापित कर भारत ने विश्व मंच पर अपनी सशक्त पहचान बनाई है। योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है। योग शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का प्रतीक बन चुका है। 
 कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन तथा स्वामी विवेकानंद जी के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ। कार्यक्रम में मंत्री श्रीमती उइके सहित नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों, विद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने सूर्य नमस्कार का अभ्यास किया। इसमें प्रार्थना मुद्रा, हस्त उत्तानासन, पादहस्तासन, अश्व संचालनासन, पर्वतासन, अष्टांग नमस्कार, भुजंगासन सहित समस्त आसनों के साथ अनुलोम-विलोम, भस्त्रिका एवं भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास किया। इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद जी के शिकागो सम्मेलन में दिए गए प्रेरक संदेश का प्रसारण किया गया, वहीं आकाशवाणी के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश भी सुना गया। कार्यक्रम का संचालन श्री अखिलेश उपाध्याय द्वारा किया गया।

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