बांधवगढ़ नेशनल पार्क से एक बार फिर चिंताजनक खबर सामने आई है।
उमरिया अरुण विश्वकर्मा
लगातार हो रही बाघों की मौतों ने न सिर्फ वन्यजीव प्रेमियों बल्कि स्थानीय लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। ताज़ा मामला मानपुर परिक्षेत्र के बफर ज़ोन का है, जहां दो बाघों के आपसी संघर्ष में एक बाघ की मौत हो गई। इस घटना के बाद युवक कांग्रेस ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ज्ञापन सौंपा है और बाघ संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
यह घटना बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम गुरवाही बीट, कुछवाही क्षेत्र के कक्ष क्रमांक पीएफ 342 की बताई जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, करीब 250 मीटर की दूरी पर दो बाघों के बीच आपसी संघर्ष हुआ, जिसमें एक बाघ की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू की।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो, राष्ट्रीय वन संरक्षण प्राधिकरण और एनटीसीए को भी सूचना दी गई।
सभी एजेंसियों की मौजूदगी में मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया गया।
प्रारंभिक जांच में मौत का कारण आपसी संघर्ष बताया गया है, हालांकि अंतिम पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
पोस्टमार्टम के बाद नियमानुसार पूरे सम्मान के साथ बाघ का अंतिम संस्कार किया गया।
वन विभाग का कहना है कि बफर ज़ोन में लगातार निगरानी की जा रही है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
वहीं इस मामले को लेकर युवक कांग्रेस ने वन विभाग और प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।
युवक कांग्रेस का कहना है कि बफर ज़ोन में निगरानी और प्रबंधन की भारी कमी है, जिसके चलते लगातार बाघों की मौत हो रही है।
इसी को लेकर युवक कांग्रेस ने ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
बांधवगढ़ जैसे विश्व प्रसिद्ध टाइगर रिजर्व में इस तरह की घटनाएं वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसका असर न केवल जैव विविधता पर पड़ेगा, बल्कि पर्यटन पर भी नकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।
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