कोयला खदानों के भारी वाहनों से सड़क जर्जर, गड्ढों में तब्दील मार्ग पर ग्रामीणों का सफर जोखिम भरा; प्रबंधन को पत्र लिखकर मरम्मत की मांग
शहडोल/बुढ़ार। जिले के बुढ़ार क्षेत्र में कोयला खदानों से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही के बीच सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर अब जनप्रतिनिधियों ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। सरईकापा तिराहे से खैरहा और हथघीझोल मार्ग तक सड़क की मरम्मत का मुद्दा सामने आया है। ग्रामीणों को हो रही परेशानियों और लगातार दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग की गई है।
जिला पंचायत शहडोल के क्षेत्र क्रमांक-12 के सदस्य एवं विभिन्न समितियों के पदाधिकारी जगन्नाथ शर्मा ने सड़क की समस्या को लेकर संबंधित कोल माइंस प्रबंधन को पत्र लिखा है। पत्र में सड़क की जर्जर स्थिति, भारी वाहनों की आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।
🔴 भारी वाहनों की आवाजाही, सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे
पत्र के अनुसार, ग्राम पंचायत गोपालपुर क्षेत्र में संचालित बिरला प्राइवेट लिमिटेड की कोयला खदान से कोयले का उत्पादन शुरू होने के बाद खदान से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है। आरोप है कि कोयला परिवहन में लगे सैकड़ों टेलर जैसे भारी वाहन सरईकापा तिराहे से बुढ़ार की ओर आवागमन करते हैं। इससे संबंधित मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके चलते इस रास्ते से गुजरने वाले ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए यह मार्ग आवागमन का महत्वपूर्ण साधन है। सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना हुआ है। ऐसे में मार्ग की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी बताया जा रहा है।
🔴 एक सप्ताह में मरम्मत की मांग, आंदोलन की चेतावनी
जिला पंचायत सदस्य जगन्नाथ शर्मा ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि यदि एक सप्ताह के भीतर सरईकापा तिराहे से बुढ़ार मार्ग की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और आम जनता के साथ सरईकापा तिराहे पर धरने पर बैठने तथा खदानों से जुड़े वाहनों को रोकने के लिए मजबूर होंगे।
पत्र में यह भी कहा गया है कि प्रस्तावित आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी। इस संबंध में कलेक्टर शहडोल, अनुविभागीय अधिकारी सोहागपुर और तहसीलदार बुढ़ार को भी प्रतिलिपि भेजी गई है।
🔴 खैरहा मार्ग की बदहाली का मुद्दा भी उठाया
दूसरे पत्र में ग्राम पंचायत खैरहा और आसपास के कोल माइंस प्रभावित क्षेत्रों में सड़क मरम्मत की मांग की गई है। पत्र के अनुसार, सरईकापा से खैरहा तक बुढ़ार मुख्य मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में है। क्षेत्र में राजेंद्र, खैरहा और दामिनी भूमिगत खदानों से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही होती है।
पत्र में आरोप लगाया गया है कि सड़क की उचित मरम्मत और चौड़ीकरण नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। यह भी उल्लेख किया गया है कि जुलाई माह में गड्ढों में सीआरएम डालने का काम किया गया था, लेकिन बारिश के बाद सड़क की स्थिति फिर खराब हो गई। वर्तमान स्थिति में इस मार्ग पर चलना जोखिम भरा बताया गया है।
इसके अतिरिक्त, राजेंद्र कॉलोनी से अईझला कॉलोनी तक लगभग दो किलोमीटर लंबी सड़क की मरम्मत की मांग भी उठाई गई है। पत्र में कहा गया है कि इस सड़क की हालत भी काफी जर्जर है और लंबे समय से सुधार नहीं हुआ है।
🔴 स्कूल बसों के संचालन को लेकर भी चिंता
खैरहा क्षेत्र से संबंधित पत्र में सड़क मरम्मत के साथ स्कूल बसों के सुरक्षित संचालन का मुद्दा भी उठाया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की खराब स्थिति के कारण बच्चों के आवागमन पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है। संबंधित प्रबंधन से सड़क की मरम्मत कराकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
अब देखना होगा, प्रबंधन और प्रशासन कब लेंगे संज्ञान
दोनों पत्रों के माध्यम से सड़क की बदहाली, भारी वाहनों की आवाजाही और ग्रामीणों की परेशानियों का मुद्दा संबंधित प्रबंधन एवं प्रशासन के सामने रखा गया है। अब सवाल यह है कि क्या संबंधित कोल माइंस प्रबंधन निर्धारित समय में सड़क की मरम्मत शुरू करेगा या ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा?
ग्रामीणों की मांग साफ है—सड़क की तत्काल मरम्मत हो, भारी वाहनों के आवागमन से उत्पन्न समस्याओं का समाधान किया जाए और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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